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Sunday, August 26, 2012

jeevan ko..........

sajjan

Saturday, August 25, 2012

ऐसी कोई चीज़ बताओ जो घर में आजाए तो घर मिट जाए

हरिओम 
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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


फूंट 
गीता से 
गुरूजी कहते  हैं कि बचपन में हम लोगों ने कभी सुना था कि एक बार बादशाह ने अपने बुद्धिमान वजीर बीरबल से यह प्रशन किया कि ऐसी कोई चीज़ बताओ जो घर में आजाए तो घर मिट जाए ,जीवन में आजाए तो जीवन मिट जाए ,परिवार में आजाए तो परिवार  मिट जाए ,और मोहल्ले में आजाए तो मोहल्ला  मिट जाए ,और देश में आजाए तो देश न रहे ऐसी चीज़ क़ा नाम क्या है ?
बीरबल मुस्कराए और मुस्कराकर बोले :-उस चीज़ क़ा नाम है "फूंट " फूंट जिस घर में आ गई घर बर्बाद , परिवार में आ गई परिवार बरबाद ,जिस संघटन में फूंट आकर बस गई वह संगठन बरबाद और जिस मोहल्ले में फूंट आ कर बैठ गई वह मोहल्ला बरबाद और जिस नगर में फूंट पड़ गई वह नगर बरबाद और जिस देश में फूंट के बेज चारों तरफ से आकुरित होने लग जाएं तो फिर समझ लेना वह देश नहीं रहता ,सबको तोड़ने क़ा काम फूंट करती है और जोड़ने क़ा काम त्याग करता है !
इसलिए फूंट कहीं भी मत् पड़ने दो ,देश बचाना है तो एकता रखो अलग अलग अपना राग मत् अलापो !

Friday, August 24, 2012

आज का विचार - 8/23/12



---------- Forwarded message ----------
From: Praveen Verma

जिन्दगी उत्सव है, हर स्थिति परिस्थिति में यह याद रखना है।

 



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
  

Life is a celebration - you need to remember this is every day and in every 

situation.


 

 

Humble Devotee 

 

 

Thursday, August 23, 2012

आज का जीवन सूत्र२३-८-१२

हरिओम 
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आज का जीवन सूत्र२३-८-१२   
गुरु की डैन को आगे बांटो , यही सच्ची गुरु भक्ति-सेवा  है 



गुरुवर सुधांशुजी महाराज 

goodthaughts-4

















good thaughts 5






good thaughts-6

sadgun

दृष्टि आपको बदलनी है श्रृष्टि स्वतः बदल जाएगी

जीवन में दृष्टिकोण सही होगा तो आपकी सारी चीजें अपने आप ठीक होने लगेंगी.दृष्टिकोण ठीक नहीं है तो फिर 
कोई चीज ठीक नहीं है..जीवन में जो नहीं है सिर्फ उसी को मत देखो, जो है उसकी ख़ुशी मनाओ.. परमात्मा ने 
कितना दिया,क्या--क्या दिया? किस काबिल आपको बनाया है? कितने उपकार हैं उसके आप पर? वह कितनी 
कृपाएँ कर रहा है? उसकी कृपाओं का धन्यवाद करो, शिकायत नहीं.. कोई भी चीज जीवन में घटी है तो हो 
सकता है कि उससे आपका भला होने वाला हो, और फिर यह  भी सोचना कि हम कोई अंतर्यामी तो हैं नहीं, जो 
बहुत दूर तक देख पायें, हमारी  भलाई इसी में है. पिता परमात्मा जरुर कुछ हमारा भला करना चाहता 
है..इसलिए जो मिला है उसे ख़ुशी से स्वीकार करें.. आपका नजरिया सही होना चाहिए,,सोच सकारात्मक हो..जो 
कमाया उसे परमात्मा का प्रसाद मानकर अपनाइए प्रसन्नता के फूल खिल उठेंगे और जीवन में सुख--शांति 
आनी शुरू हो जाएगी.. पर इस बात का ध्यान रखें दृष्टि आपको बदलनी है श्रृष्टि स्वतः बदल जाएगी.
सुधांशुजी महाराज