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Sunday, September 30, 2007

गुरू ही सब कुच्छ हैं


ॐ गुरूर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णु: गुरूर्देवो महेश्वरा: !

गुरू: साक्षात परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नम:

गुरूवर के चरणों में कोटी -कोटी प्रणाम